3 June, 2024
मुसलमान किसके वंशज हैं ? ; मुस्लिम धर्म कितना पुराना है; मुसलमान की उत्पत्ति कैसे हुई

मुसलमान किसके वंशज हैं ? A Detailed Answer

Q: मुसलमान किसके वंशज हैं ?

स्लाम दुनिया का एक मजहब है, इसके अनुयाइयों की संख्या में ईसाई धर्म के बाद दूसरा स्थान है। इसके अनुयायियों को मुसलमान और इनके प्रार्थना स्थल को, मस्जिद कहते हैं। इस्लाम अधिकांश मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, सहेल और मध्य एशिया का मुख्य मजहब है, और दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया, पश्चिम और पूर्वी अफ्रीका में भी व्यापक है। आज दुनिया के अधिकांश देशों में मुसलमान हैं, जो मुख्य रूप से आप्रवासन के कारण हैं। मक्का की वार्षिक तीर्थयात्रा, हज, सबसे बड़े मानव प्रवासियों में से एक है और दुनिया भर से मुसलमानों को एक साथ लाता है। कुछ मुस्लिम अन्य इस्लामी इबादत गाहो स्थलों की भी तीर्थयात्रा करते हैं। इस्लाम के नाम पर कई साइटें यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में हैं।

मुसलमानों के मुताबिक, इस्लाम के पहले नबी हज़रत एडम (अरबी में, आदम) थे. मुसलमानों का मानना है कि आदम, नूह, इब्राहीम, मूसा, दाऊद, सुलैमान, और जीसस जैसे पैगंबरों के मूल विश्वास की वापसी के रूप में इस्लाम की शुरुआत हुई. मुसलमानों के मुताबिक, हज़रत मुहम्मद इस्लाम के आखिरी और सबसे अहम पैगंबर थे. 

मुस्लिम राजपूत भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी क्षेत्रों के राजपूतों के वंशज हैं जो अब इस्लाम के अनुयायी हैं। भारतीय इतिहास के मध्यकाल मे ये लोग हिंदू धर्म से इस्लाम में धर्मांतरित हुए थे किन्तु उन्होंने अपने उपनाम (जैसे चौहान आदि) को बरकरार रखा। यह लोग राजपूतों के ही वंशज है परंतु धर्मांतरण बाद मुस्लिम स्त्री से विवाह कर ये पूर्ण रूप से इसमें सम्मिलित हो गए।

मुसलमान किसके वंशज हैं ?

मुसलमान किसके वंशज हैं ? A Detailed Answer

 इस्लाम और ईसाई धर्म के बीच प्रमुख सैद्धांतिक अंतर यह है कि इस्लाम ने इस दावे को खारिज कर दिया कि यीशु (ईसा मसीह) ईश्वर है और इसके साथ ही परमेश्वर का संपूर्ण विचार ट्रिनिटी के रूप में है। इस्लामी विश्वास में केवल एक ही भागवान (अल्लाह) है, अविभाज्य है, और यीशु (ईसा मसीह) एक पैग़म्बर हैं, लेकिन कोई भी इंसान ईश्वर नहीं हो सकता। यीशु को एक महान सम्मान के हकदार हैं, जैसा अन्य पैग़म्बर (ईश्वरदूत) इस्लाम अनुसार लेकिन कोई भी व्यक्ति पूजा का पात्र नहीं है।

1891 ई. में मारवाड़ में हुई मरदुमशुमारी के सुपरिटेंडेंट मुंशी हरदयाल सिंह इस सम्बन्ध में पड़ताल के बाद रिपोर्ट में इसी निष्कर्ष पर पहुँचे कि ” जब कि अरबों और तुर्कों के हमले होते थे यह कायदा था कि वे लोग फतह होने के पीछे आम हिन्दुओं और खास करके राजपूत और दूसरी लड़ने वाली कौमों के आदमियों को या मुसलमान कर लेते थे या मार डालते थे, जिससे वे मुक़ाबिला करने के लायक न रहें उस वक्त राजपूतों को जो लड़ाई में हार कर फिर मुक़ाबिला नहीं कर सकते थे जान बचाने की दो ही सूरतें थीं या तो मुसलमान हो जाते थे या राजपूती छोड़कर कमीन जातों में मिल जाते थे और उन्हीं का कसव भी करने लगते थे आज जो हरेक कीम में राजपूतों की खां पायी जाती हैं वे उन्हीं दिनों में मुसलमानों के दबाव से उनके शामिल हुई थीं और जो मुसलमान हो जाते थे उनको सिपाहियों में नौकरी मिल जाती थी “

प्रसिद्ध ऐतिहासकार विद्वान् मुं० देवीप्रसाद जी ने लिखा है कि “राजपूतों को मुसलमान बनाने कि सुरवात मुहम्मद कासिम को चढ़ाई जो सम्वत् 770 जब के क”रीब सिंध से हुई थी । सम्वत् 1762 औरंगजेब के मरने तक के एक हजार वर्ष में लाखों राजपूत मुसलमान कर दिये गये थे क्योंकि राजशाही के ऐसे ही नियम थे कि ” युद्ध में हार जाने के पश्चात् या तो राजपूत मुसलमान हो जांय अन्यथा वे कत्ल करदिये जांय “

मुसलमान किसके वंशज हैं ?

मुख्य:-कही कही राजपूतों द्वारा मुस्लिम स्त्रीयों से विवाह उपरांत जो संतान हुई उसे भी इन्ही श्रेणी में रखा गया।ाद का अहमद शाह जिनके दादा राजपूत से धर्मांतरित हुए थे।

यह कथित तौर पर माना जाता है कि राम वर्मा कुलशेखर के आदेश पर भारत में प्रथम मस्जिद का निर्माण ई॰ 629 में हुआ था, जिन्हें मलिक बिन देनार के द्वारा केरल के कोडुंगालूर में मुहम्मद (c. 571–632) के जीवन समय के दौरान भारत का पहला मुसलमान भी माना जाता है।

मालाबार में, मप्पिलास इस्लाम में परिवर्तित होने वाले पहले समुदाय हो सकते हैं क्योंकि वे दूसरों के मुकाबले अरब से अधिक जुड़ें हुए थे। तट के आसपास गहन मिशनरी गतिविधियां चलती रहीं और कई संख्याओं में मूल निवासी इस्लाम को अपना रहे थे। इन नए धर्मान्तरित लोगों को उस समय माप्पीला समुदाय के साथ जोड़ा गया। इस प्रकार मप्पिलास लोगों में हम स्थानीय महिलाओं के माध्यम से अरब लोगों की उत्पत्ति और स्थानीय लोगों में से धर्मान्तरित, दोनों प्रकार को देख सकते हैं।

अल्लाह: (الله‎) अरबी भाषा में ईश्वर के लिए शब्द है। इसे मुख्यतः मुसलमानों और अरब ईसायों द्वारा एक ईश्वर का उल्लेख करने के लिए प्रयोग में लिया जाता है। जिसे फ़ारसी में ख़ुदा भी कहा जाता है।

अल्लाह शब्द अरबी भाषा के दो शब्दों अल-इलाह से मिलकर बना है। अल शब्द को वैसे ही इस्तेमाल करते हैं जैसे अंग्रेज़ी का शब्द ‘the’. इलाह का मतलब होता है पुज्य या ‘उपास्य’। अल्लाह शब्द “एक सृजनकर्ता” के लिए इस्तेमाल होता था। इसे हिंदुओं द्वारा प्रचलित शब्द भगवान के उदाहरण से समझ सकते हैं।

भगवान शब्द किसी एक देवता के लिए इस्तेमाल नहीं होता है। भगवान शब्द इस्तेमाल किया जाता है सृष्टि रचयिता के लिए। ठीक उसी तरह अरबी शब्द अल्लाह है|


Source: Wikipedia

मस्जिद मुसलमानों का उपासना (इबादत) या प्रार्थना स्थल है। इसे नमाज़ के लिए प्रयोग किया जाता है मुसलमानों के प्रारंभिक काल में मस्जिद ए नबवी को विदेश से आने वाले वफूद (कारवां, ग्रुप्स) से मुलाकात और चर्चा के लिए भी इस्तेमाल किया गया था। इस्लामी मस्जिद के इस तरीके से मुसलमानों की युनिवर्सीटियों (विश्वविद्यालयों) ने भी जन्म लिया है। इसके अलावा इस्लामी वास्तुकला भी मुख्य रूप से मस्जिदों से विकासहुआ है। इस्लाम में मस्जिद बहुत पवित्र माना जाता है!

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Muslim dharm kitna purana hai ?

ज़्यादातर इतिहासकारों का मानना है कि इस्लाम की शुरुआत 7वीं शताब्दी की शुरुआत में मक्का और मदीना में हुई थी.  इस्लाम के संस्थापक हज़रत मुहम्मद थे.  उनका जन्म 570 ईस्वी में मक्का में हुआ था. 613 ईस्वी के आस-पास उन्होंने लोगों को उपदेश देना शुरू किया था.  पैगंबर मुहम्मद को 610 के आस-पास मक्का की पहाड़ियों में कुरान का ज्ञान मिला था. 




मुसलमानों की उत्पत्ति कहां से हुई ?

अधिकांश इतिहासकारों का मानना है कि इस्लाम की उत्पत्ति 7वीं शताब्दी ईस्वी की शुरुआत में मक्का और मदीना में मुहम्मद के मिशन के साथ हुई थी।। जबकि मुसलमान इस्लाम को इब्राहीमी धर्म भविष्यवक्ताओं (पैगम्बर) जैसे आदम , नूह , इब्राहीम , मूसा , दाऊद , सुलैमान और जीसस के मूल विश्वास की वापसी के रूप में मानते हैं।


हज में किसकी मूर्ति है?

हज के दौरान इस्लाम को मानने वाले इस काबा को पूजते हैं और चूमते हैं.

Sabse purana dharm kya hai ?

Sabse purana dharm Hindu hai.

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